निराश्रित और उपेक्षित बच्चों की सहायता हेतु बैठक में लिये गये महत्वपूर्ण निर्णय

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झांसी। प्रतिमा यादव अध्यक्ष जिला पंचायत की अध्यक्षता एवं निखिल टीकाराम फुण्डे मुख्य विकास अधिकारी की सह अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जनपद में 0-18 आयु वर्ग के परित्यक्त, निराश्रित, उपेक्षित व अन्य देखरेख व आवश्यकता वाले बच्चों के सहायतार्थ शासन द्वारा संचालित विभिन्न लाभप्रद योजनाओं पर चर्चा की गयी एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा किये जा रहे कार्यों के साथ ही जिला बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, बाल देखभाल संगठनों, चाइल्ड लाईन सिटी व रेलवे द्वारा निस्तारित मामलों का भी प्रस्तुतिकरण किया गया। विभागीय योजनाओं की समीक्षा के प्रस्तुतिकरण पर अध्यक्ष जिला पंचायत द्वारा संतोष व्यक्त किया गया। जिला बाल संरक्षण इकाई से संरक्षण अधिकारी अभिषेक मिश्रा द्वारा अवगत कराया गया है कि स्पांसरशिप योजना हेतु कार्यालय में 15 आवेदन प्राप्त हुये हैं, जिनमें आंशिक दस्तावेजों की पूर्ति किया जाना शेष है। श्रम प्रवृतक अधिकारी सुश्री नीलम विश्वकर्मा द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान सत्र में जनपद में बालश्रम के 56 मामले पंजीकृत हुये हैं। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा समस्त मामलों में बच्चों को प्रर्वतकता योजना (स्पांसरशिप) से लाभान्वित किये जाने के निर्देश दिये गये। अध्यक्ष बाल कल्याण समिति अनिल कुमार द्वारा कहा गया कि विद्यालयों में बाल संरक्षण एवं देखभाल विषयक जन-जागरूकता अभियान के साथ ही हेल्पलाइन नम्बर 1098, 100, 181 आदि का विद्यालय प्रांगण में दीवार लेखन किया जाना चाहिये। चाइल्ड लाईन सिटी के समन्वयक अमरदीप द्वारा थाना क्षेत्र बबीना में बच्चों से शराब तस्करी कराने की शिकायतें प्राप्त होने विषयक जानकारी दी। जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने सर्किल आॅफिसर को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश जारी किये।
परिक्षित सेठ प्रतिनिधि यूनिसेफ द्वारा जनपद के समस्त विकास खण्डों से 02-02 ग्रामों बड़ागांव से केशवपुर, दिगारा, बबीना से चमरौआ, हीरापुरा, चिरगांव से करगुंवा, बरल, मोंठ से भुजौंद, बम्हरौली, बंगरा से सकरार, कटेरा देहात, मऊरानीपुर से भड़रा, बसरिया, बामौर से बीरपुरा, अस्ता, गुरसरांय से घुरैआ, अहजरा का चयन कर ग्राम में बच्चों की आवश्यकता का आंकलन हेतु सर्वे करने का सुझाव रखा जिस पर स्वीकृति प्रदान की गयी।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश जारी किये जायें कि समेकित बाल संरक्षण योजना को गम्भीरता प्रदान करते हुये योजना हेतु नामित ग्रामों में प्राथमिकता प्रदान कर ग्राम से चयनित व पात्र बच्चों के सहायतार्थ सहयोग प्रदान करें एवं ग्राम व विकास खण्ड स्तर पर गठित बाल संरक्षण समितियों की बैठकें 3 माह में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से आयोजित करायी जायें। जनपद में संचालित समस्त आवासीय संस्थाओं में बच्चों के चिकित्सीय उपचार हेतु प्रत्येक माह में कम से कम 2 बार चिकित्सीय जांच शिविरों का आयोजन किया जाये। कोई भी बच्चा चिकित्सा वंचित न हो उनके हेल्थ कार्ड भी जारी किये जायें।
अध्यक्ष जिला पंचायत द्वारा कानूनी रूप से बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया पर जोर देते हुये दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से नियम व शर्तें प्रकाशित किये जाने को निर्देश जारी किये। साथ ही प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला चिकित्सालयों, चाइल्ड लाईन के कार्यालयों व बाल देखरेख संस्थाओं में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के मद से पालना शिशु स्वागत केन्द्र स्थापित किये जाने व व्यापक प्रचार प्रसार किये जाने के निर्देश दिये।
बैठक में उपाधीक्षक पुलिस संग्राम सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर पाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिवंश कुमार, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी दीपक गुप्ता, श्रम प्रवर्तक अधिकारी सुश्री नीलम वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक नीरज कुमार पाण्डेय, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिल कुमार एवं सदस्य नासिर अली, डा. ममता जैन, राजीव मिश्रा, मो. आबिद खान, चाइल्ड लाइन रेलवे समन्वयक मो. बिलाल उल हक एवं अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। संचालन जिला प्रोबेशन अधिकारी नन्दलाल सिंह व आभार जिला विकास अधिकारी उग्रसेन यादव ने किया।

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