ग्रेडेड लर्निंग कार्यक्रम के द्वितीय फेरे के प्रशिक्षण का शुरू

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झांसी। नगर क्षेत्र में आयोजित किए जा रहे ग्रेडेड लर्निंग शिक्षा कायाकल्प प्रशिक्षण के दूसरे फेरे 12 से 16 फरवरी का शुभारंभ नगर शिक्षा अधिकारी कपूर सिंह परिहार ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ किया इस अवसर पर जिला रिसोर्स पर्सन गजेंद्र कुमार चैधरी धर्मेंद्र सिंह बीनू चतुर्वेदी ने सभी प्रतिभागियों का प्रशिक्षण में आने पर अभिवादन किया इस अवसर पर नगर शिक्षा अधिकारी ने कहा कि वास्तव में हम अपने बच्चों को अभी भी परंपरागत तरीकों से अधिक पढ़ाते हैं वर्तमान में शिक्षण की अनेकों नई विधाएं एवं नई-नई टेक्निक्स विकसित हो गई हैं परंतु फिर भी अपने परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण प्रक्रिया अद्यतन नहीं हो पा रही है इस कारण से हमारे विद्यालयों में बच्चों को सीखने एवं हमारे द्वारा सिखाने के क्रम में अधिक समय लगता है इसलिए सभी शिक्षक शिक्षिकाओं को ग्रेडेड लर्निंग कार्यक्रम में प्रयोग की जा रही सभी क्रियात्मक विधियां एवं कहानी और कविताओं द्वारा शिक्षण की नवीनतम विधियों का अधिकाधिक प्रयोग करने में कुशलता हासिल करनी चाहिए शिक्षा क्षेत्र में कार्य कर रही स्वयंसेवी संस्था प्रथम के सहयोग से बेसिक शिक्षा परिषद में प्राथमिक स्तर के सभी विद्यालयों में ग्रेडेड लर्निंग कार्यक्रम या कहें शिक्षा कायाकल्प अभियान शुरू किया गया है इसमें सभी शिक्षकों को कक्षा 1 व 5 के बच्चों को पढ़ाने हेतु अलग-अलग प्रशिक्षण दिया जा रहा है एवं शिक्षण में सहयोगी टी एल एम भी प्रथम संस्था द्वारा विकसित किया गया है जो कि सभी प्रतिभागियों को विद्यालय हेतु उपलब्ध कराया जाएगा प्रशिक्षण के उपरांत सभी अध्यापक अपने विद्यालयों में कक्षा एक व दो और कक्षा 3 4 5 के बच्चों का अपने अपने विद्यालय में न्यूनतम शैक्षिक स्तर जांचेंगे और प्रथम संस्था द्वारा उपलब्ध कराए गए टी एल एम की सहायता से एक माह तक सभी बच्चों का शिक्षण कार्य करेंगे और पुनः 1 माह बाद बच्चों के शैक्षिक स्तर की जांच करेंगे जो सुधारात्मक संकेत होंगे उन्हें ऑनलाइन एप पर अपलोड करेंगे यह मध्य जांच कहलाएगी पुनः 1 माह के लिए उन्हीं बच्चों को पढ़ाया जाएगा तथा समय उपरांत बच्चों के शैक्षिक स्तर की पुनः जांच होगी जो एप की सहायता से ऑनलाइन प्रदर्शित होगी इस पूरे प्रक्रम में विशेष बात यह है कि जो शिक्षक यहां प्रशिक्षण ले रहे हैं यह काम उन्हें अपने विद्यालय में जाकर अपने अपने विद्यालय के बच्चों के साथ ही शिक्षण कार्य करके संपन्न करना है इसी कारण से इसका नाम शिक्षा कायाकल्प भी है । इस अवसर पर संदर्भ दाता बबीता यादव एवं शरद माथुर सहित सभी प्रतिभागी उपस्थित थे।

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