सेना की जिम्मेदारी के साथ मैराथन शिखर पर स्वरूप

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झांसी। हम आपको एक ऐसे व्यक्तित्व का परिचय देते है जो सेना की जिम्मेदारी के क साथ मैराथन के शिखर पर कई झण्डे गाड़ चुके है। झांसी के कैंट क्षेत्र लेफ्टिनेंट कर्नल स्वरूप सिंह कुंतल तैनात है मार्च में चंडीगढ़ में होने वाले 12 घण्टे के लगातार स्टेडियम रन की तैयारी कर रहे है।
सैन्य अफसर के रूप में नौकरी करते हुए लेफ्टिनेंट कर्नल स्वरूप सिंह कुंतल देश के कई प्रतिष्ठित मैराथन में हिस्सा ले चुके हैं इतना ही नही वे कई मैराथन में विनर भी रह चुके हैं ।पिछले दिनों जनवरी में मुम्बई में आयोजित टाटा मुम्बई मैराथन में भाग लिया ,इस मैराथन में 46000 से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया था कुंतल ने 42.2किलोमीटर की मैराथन 3 घण्टे 23 मिनट 53 सेकेंड में पूरी की ।मूल रूप से मथुरा के रहने वाले स्वरूप सिंह इस समय झांसी केंट में तैनात हैं ।
वे इससे पहले 6 जनवरी 2019 को कोटा में आयोजित 63 किलोमीटर अल्ट्रा मैराथन 5 घंटे 23 मिनेट में पूरा कर प्रथम स्थान प्राप्त कर चुके हैं पिछले साल सितंबर महीने में उन्होंने जयपुर इन्टरनेशनल ट्रायथलान में आयरन मैन का खिताब जीता था ,उन्होंने 12 घंटे 23 मिनेट में 3800 मीटर तैराकी 182 किलोमीटर सायकलिंग और 42 किलोमीटर दौड़ लगा कर कीर्तिमान स्थापित कर खिताब अपने नाम किया था ।
स्वरूप सिंह आयरन मैन अल्ट्रा मेराथनॉर नेशनल लेवल साइकलिस्ट होने के साथ पैरा कमांडो भी है ।उनके धावक बनने के कारणों मे से एक पैर कमांडो की ट्रेनिंग भी है दरसल पैरा कमांडो की ट्रेनिंग के दौरान लगभग 50 किलोमीटर हर रोज दौड़ना पड़ता था यंही से उन्हें दौड़ने की आदत पड़ी और वे मैराथन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने लगे ।फिलहाल वे औसतन हर रोज 60 से 70 किलोमीटर की सायकलिंग रोजाना करते हैं । बातचीत में। स्वरूप सिंह कुंतल बताते हैं कि मेरा अगला लक्ष्य आई.डी.बी.आई दिल्ली फूल मैराथन में हिस्सा लेना है यह मैराथन इसी महीने 24 तारीक को आयोजित होना है इसके बाद मार्च में चंडीगढ़ में होने वाले 12 घण्टे के लगातार स्टेडियम रन की तैयारी है ।
कहते हैं कि सपनो को सच करने के लिए इरादा बुलंद करना पड़ता है ,स्वरूप न सिर्फ बुलंद इरादे रखते हैं बल्कि मेहनत कश भी हैं सेना का जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए वे मैराथन की दुनिया में मजबूती के साथ उभरते सितारे के रूप में दिखायी दे रहे हैं।

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