हत्या के जुर्म में 10 वर्ष की सजा

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झाँसी। गैर इरादतन पिता की हत्या का आरोप सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सुशील कुमार द्वितीय की अदालत में हत्यारोपी पुत्र को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गयी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बी.के राजपूत के अनुसार ग्राम रौनी निवासी रमौले पुत्र घूरे ने थाना मऊरानीपुर मंे लिखित तहरीर देते हुये बताया था कि 24 जनवरी 2015 को दोपहर करीब 02 बजे उसका भाई गिरधारी पुत्र घूरे उम्र करीब 50 वर्ष घर आये तो उसका लड़का हीरालाल खाना खा रहा था। किसी बात पर गिरधारी ने गाली गलौच करते हुये लड़के के साथ मारपीट शुरू कर दी। तभी हीरालाल ने गिरधारी के हाथ से कुल्हाड़ी छीनकर सिर व गर्दन पर वार कर दिया। जिससे गम्भीर चोटें आने पर गिरधारी की मौत हो गई। पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। जहां दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त हीरालाल को धारा 304 भा0द0सं0 के अन्तर्गत 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 20 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई गयी। अर्थदण्ड की राशि राजस्व की भांति वसूल कर 80 प्रतिशत राशि बतौर प्रतिकर मृतक के विधिक प्रतिनिधियों को दिये जाने के आदेश भी न्यायालय द्वारा दिये गये है।

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