खेत पर खड़े पेड़ों में गुरार की लकड़ी काटने का आरोप

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हल्का इंचार्ज ने पीड़ित पत्रकार को ही हरिजन एक्ट में फंसाने की दी चेतावनी                                      ललितपुर। कुछ समय पहले ही उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा आदेश जारी करते हुये पुलिस कर्मियों को पत्रकारों से समन्वय बेहतर बनाये जाने के लिए कहा गया था, लेकिन ललितपुर शायद डीजीपी के आदेश भी बेअसर नजर आ रहे हैं। इन दिनों कोतवाली पुलिस कमाई के चक्कर में इतनी मस्त है कि पीड़ितों को ही झूठे मुकदमें में फंसाने की धमकी देने लगी है। ऐसा ही एक मामला कोतवाली तालबेहट से प्रकाश में आया है। जहां झांसी से प्रकाशित एक समाचार पत्र से जुड़े पत्रकार को हल्का इंचार्ज द्वारा हरिजन एक्ट के मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। कोतवाली तालबेहट क्षेत्र के ग्राम तिंदरा निवासी राघवेन्द्र सिंह पुत्र तोरन सिह ने क्षेत्राधिकारी तालबेहट को प्रेषित एक लिखित शिकायती पत्र में आरोप लगाते हुये विपक्षियों पर कार्यवाही किये जाने की मांग उठायी है। राघवेन्द्र सिंह ने शिकायती पत्र में बताया कि उसके खेतों में खड़े पेड़ों में से गुरार के पेड़ की लकड़ी ग्राम उदगुवां निवासी जगभान पुत्र सिया ने काट ली। जिसकी शिकायत करने जब वह कोतवाली तालबेहट पहुंचा तो उसके शिकायती पत्र पर कार्यवाही करते हुये हल्का इंचार्ज को प्रेषित कर दिया गया। शिकायती पत्र पर कार्यवाही न करते हुये हल्का इंचार्ज साजेश कुमार द्वारा उल्टा उसे ही धमकाते हुये हरिजन एक्ट का झूठा मुकद्दमा लिखकर फंसाने की चेतावनी दे डाली। हरिजन उत्पीड़न अधिनियम में फंसाये जाने की चेतावनी से क्षुब्ध हुये पत्रकार ने अब क्षेत्राधिकारी तालबेहट के समक्ष अपनी समस्या रखते हुये कार्यवाही की मांग उठायी है।
यह है मामला
तालबेहट कोतवाली अन्तर्गत ग्राम तिदरा के उदगुवा में पत्रकार राघवेन्द्र यादव के परिजनों का खेत है और उस खेत पर खडे गुरार के पेड को जगभान तनय सिया रजक ने चोरी से काट लिया गया। घटना की जानकारी मिलने पर राघबेन्द्र व उसके परिजन तेरई फाटक चैकी इन्चार्ज राज बाबू के पास २२अक्टूबर को अपनी शिकायती प्रार्थनापत्र लेकर पहुचे। जिस पर दरोगा जी द्वारा विपक्षी को बुलबाया जिसपर उक्त बिपक्षी तेरईफाटक चैकी में उपस्थित नही हुआ और करीब चार दिन पूर्व २६ अक्टूबर झूठे व मनगढंत हरिजनएक्ट के मामले का
प्रार्थनापत्र कोतवाली तालबेहट पुलिस को पत्रकार के परिजनों के विरूद्ध दे गया। फर्जी प्रार्थनापत्र की सूचना मिलने पर २७ अक्टूबर को उक्त मामले की सारी जानकारी प्रार्थना पत्र के माघ्यम से कोतवाली पुलिस को दी गई।जिसकी जाँच तेरईफाटक चैकी इन्चार्ज राज बाबू को देदी गई। वही मामला तेरईफाटक चैकी अन्तर्गत ग्राम तिदरा उदगुवाँ हल्का नम्बर २ का होने के कारण उक्त विपक्षी की हरिजन एक्ट की जाँच हल्का इन्चार्ज साजेश कुमार को दी गई। जिस पर साजेश कुमार जाँचकरने के लिये जब मौके पर पहुचे तो उल्टा विपक्षी का फेबर करते हुये पत्रकार को धमकाने लगे व यहा तक की उक्त विपक्षी से झूठा प्रार्थनापत्र लेकर हरिजन एक्ट में फसाने की चेतावनी तक दे दी।

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