बैठक में बोले डीएम, गांवों को कुपोषण से मुक्त करने के लिये बेहतर कार्य करें

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झांसी। व्यवहार परिवर्तन से कुपोषण से मुक्ति मिल सकती है अतः सभी विभाग पूर्ण मनोयोग से आपसी समन्वय स्थापित करते हुये शासन द्वारा लक्षित कुपोषित गांवों को कुपोषण से मुक्त करने के लिये बेहतर कार्य करें। ग्राम स्तर पर खुली बैठकों में कुपोषण से बचने के लिए क्या उपाय हैं उनकी भी जानकारी ग्रामीणों को दें ताकि आदतों में बदलाव कर वह स्वयं और बच्चों को स्वस्थ्य रख सकें।
उक्त उद्गार जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने विकास भवन में आयोजित पोषण माह की प्रगति की समीक्षा करते हुये बैठक में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पोषण अभियान के अन्तर्गत पोषण माह सम्पूर्ण सितम्बर माह में चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि माह भर सभी विभाग यह लक्ष्य निर्धारण कर कार्य करें कि हमें जनपद को कुपोषण मुक्त करना है।
जिलाधिकारी ने व्यवहार परिवर्तन पर जोर देते हुये उपायुक्त स्वरोजगार को निर्देश दिये कि ऐसे परिवार जहां कुपोषित बच्चे हैं उन्हें समूह के माध्यम से रोजगार उपलब्ध करायें। यदि रोजगार होगा तो आय बढ़ेगी व जीवन स्तर में सुधार आयेगा। ऐसा करने से कुपोषण दूर होगा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से ऐसे परिवारी को समूह गठित कर लाभान्वित किया जाये।
सीएमओ को उन्होंने सुझाव दिया कि अभियान चलाकर ऐसे परिवारों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाये। उन्हें सभी जानकारियां दे जो कुपोषण की जनक हैं। बच्चों का टीकाकरण नियमित हो साथ ही गर्भवती महिलाओं व किशोरियों को आयरन टेबलेट का वितरण सुनिश्चित हो, बच्चों का वजन सावधानीपूर्वक लें ताकि बच्चा स्वस्थ है यह जाना जा सके।
बैठक में डीएसओ को कुपोषित परिवार के लिये राष्ट्रीय खाद्य अधिनियम के तहत खाद्यान्न वितरित कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यह अवश्य सुनिश्चित कर लें कि संबंधित कोटेदार खाद्यान्न दे रहा है या नहीं।
ऐसे परिवारों के यहां शौचालय निर्माण सुनिश्चित कराये जाने के लिये डीपीआरओ को निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि गांव में जन जागरूकता कार्यक्रम करें कि खुले में शौच से परिवार में बीमारी होती है।
जिलाधिकारी ने व्यवहार परिवर्तन हेतु स्कूलों में बच्चों को हाथ साफ करने के बाद भोजन करने की आदत डालने, साफ कपड़े पहनने तथा आसपास सफाई रखने से वातावरण स्वच्छ रहेगा यह जानकारी दें।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर पाल ने बताया कि जनपद में 136 गांव कुपोषण से प्रभावित थे। विभाग व अन्य विभागों के सहयोग से अब मात्र 8 गांव कुपोषण से मुक्त होने के लिये अवशेष हैं जिन्हें जल्द कुपोषण मुक्त कर दिया जायेगा।
इस मौके पर सीडीओ निखिल टीकाराम फुण्डे, सीएमओ डॉ. सुशील प्रकाश, सचिव जेडीए त्रिभुवन विश्वकर्मा, डीपीआरओ ए.पी. त्रिपाठी, सीडीपीओ देवेन्द्र निरंजन सहित समस्त सहायक आदि उपस्थित रहे।

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