पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी का हुआ निधन, शोक में डूबा पूरा देश, कल होगा अंतिम संस्कार

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नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार की शाम एम्स में इलाज के दौरान निधन हो गया। उन्होने 16 अगस्त 2018 को शाम 05ः05 बजे अंतिम सांस ली। पूर्व प्रधानमंत्री को यूरिन इन्फेक्शन और किडनी संबंधी परेशानी के चलते 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था। मधुमेह के शिकार वाजपेयी का एक ही गुर्दा काम कर रहा था। ‘
पिछले 36 घंटों के दौरान उनकी सेहत बिगड़ती चली गई। उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था। इससे पहले वे 9 साल से बीमार थे। राजनीति की आत्मा की रोशनी जैसे घर में ही कैद थी। वे जीवित थे, लेकिन नहीं जैसे। किसी से बात नहीं करते थे। जिनका भाषण सुनने विरोधी भी चुपके से सभा में जाते थे, उसी सरस्वती पुत्र ने मौन ओढ़ रखा था। अटलजी की सिर्फ एक किडनी काम कर रही थी। 30 साल से अटलजी के निजी फिजिशियन डॉ. रणदीप गुलेरिया की देखरेख में एम्स में उनका इलाज चल रहा था।
बीजेपी के संस्थापकों में शामिल वाजपेयी 1996 से 1999 के बीच तीन बार पीएम चुने गए। वह पहली बार 1996 में प्रधानमंत्री बने और उनकी सरकार सिर्फ 13 दिनों तक ही रह पाई। 1998 में वह दूसरी बार प्रधानमंत्री बने, तब उनकी सरकार 13 महीने तक चली। 1999 में वाजपेयी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने और 5 वर्षों का कार्यकाल पूरा किया। 5 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले वह पहले गैरकांग्रेसी प्रधानमंत्री थे। वह 10 बार लोकसभा के लिए और 2 बार राज्यसभा के लिए चुने गए। उनके जन्मदिन 25 दिसंबर को ‘गुड गवर्नेंस डे’ के तौर पर मनाया जाता है। अटल बिहारी वाजपेयी की लोकप्रियता का आलम यह था कि उनकी पार्टी ही नहीं विपक्षी नेता भी उनकी बातों को तल्लीनता से सुनते थे और उनका सम्मान करते थे।
अटल के निधन के बाद पूरा देश शोक की लहर में डूब गया। उनके पार्थिव शरीर को देखने के लिए उनके आवास 6 ए कृष्ण मार्ग के बाहर उनके समर्थकों का तांता लगा हुआ था। उनके निधन पर भाजपा कार्यालय सहित सरकारी जगहों और विधानसभाओं, भाजपा कार्यालयों में तिरंगा को झुका दिया गया। उनके निधन पर राष्ट्रीय शोक की घोषणा हुई। उनके पार्थिव शरीर का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जायेगा। अटल के निधन पर पूरे देश की आंखें नम हैं। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर भाजपा के कार्यालय ले जाया जायेगा। शनिवार को अटल बिहारी वाजपेयी का राजघाट के पीछे स्मृति स्थान पर अंतिम संस्कार किया जायेगा। सूत्रों के अनुसार जहां पर अटल का अंतिम संस्कार किया जायेगा उस स्थान (समाधि स्थल) का नाम अटल घाट हो सकता है।

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