बरामद बच्चा फिर हुआ लापता, परिजनों ने जताई अपहरण की आशंका

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झाँसी। करीब डेढ़ साल पहले झाँसी से अपहृत बच्चा तेलंगाना के एक मिशनरी आश्रम से कोतवाली पुलिस ने बरामद किया था। उक्त बालक बीते रोज फिर लापता हो गया। परिजनों ने बालक के अपहरण की आशंका जताई है। इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। इससे हड़कम्प मच गया है।
पठौरिया निवासी रामजानकी के दो पुत्र हैं। उसमें बड़ा पुत्र कामेश है। कामेश 14 फरवरी 2017 को घर के पास से लापता हो गया था। परिजनों ने उसे काफी तलाशा था, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला था। परिजन कामेश की लगातार तलाश कर रहे थे। साथ ही घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को भी दी थी। पुलिस ने कामेश के लापता होने की गुमशुदगी दर्ज कर ली थी। काफी तलाश के बाद जब कामेश नहीं मिला, तो परिजन थक-हार कर बैठ गये थे। इसी दौरान एकाएक रामजानकी के मोबाइल फोन की घण्टी बज उठी। उसने फोन रिसीव किया, तो दूसरे ओर से आवाज आई- पापा मैं कामेश बोल रहा हूँ। इस पर रामजानकी ने पूछा- तुम इस समय कहाँ हो। दूसरी ओर से उसने बताया कि वह तेलंगाना के एक आश्रम में है और उसे कुछ लोग पकड़ कर झाँसी से ले गये थे। फोन आते ही रामजानकी की जान में जान आयी और वह यहाँ से सीधा तेलंगाना जा पहुँचा था। वहाँ वह आश्रम में पहुँचा, तो उसे कामेश से मिलने नहीं दिया। उसने वहाँ के डीएम, एसएसपी आदि अधिकारियों से सम्पर्क कर पुत्र को दिलाने की बात की, लेकिन उसकी बात पर किसी ने गौर नहीं किया। वह वहाँ से वापस झाँसी आ गया। यहाँ उसने डीएम व एसएसपी की शरण ली। एसएसपी के आदेश पर कोतवाली पुलिस तेलंगाना पहुँची। कोतवाली पुलिस आश्रम से बरामद कर बच्चे को झाँसी ले आयी थी। झाँसी लौटने के बाद कामेश ने बताया था कि आश्रम में झाँसी के कई बच्चे बन्द हैं। उत्तर प्रदेश के करीब 35 बच्चे हैं, जिन्हें आश्रम में कैद कर रखा गया है। रामजानकी पुत्र कामेश की वापसी से बहुत प्रसन्न था।
बताते हैं कि कामेश यहाँ एल्पाइन स्कूल में कक्षा 6 का छात्र है। उसके स्कूल जाने व लाने के लिए टैक्सी लगी हुई है। रामजानकी एक पैर से दिव्यांग है। वह बैशाखी के सहारे चलता है। बीते रोज उसने सुबह करीब 7 बजे माता बिल्डिंग के पास टैक्सी के लिए कामेश को छोड़ा। इसके बाद वह अपने दूसरे बच्चे को घर लिवाने के लिए गया। वह दूसरे बच्चे को लेकर 20 मिनट में घर से लौटकर माता बिल्डिंग के पास पहुँचा, लेकिन कामेश वहाँ नहीं मिला। कामेश वहाँ मौजूद नहीं था। इसी दौरान स्कूल की टैक्सी आ गयी। इससे स्पष्ट हो गया कि कामेश टैक्सी से स्कूल नहीं गया। रामजानकी ने सोचा कि हो सकता है कि कामेश किसी के संग स्कूल चला गया होगा। दोपहर को स्कूल की छुट्टी के बाद जब कामेश घर नहीं लौटा, तो उसकी तलाश शुरू की गई। स्कूल में जाकर परिजनों ने पता लगाया, तो जानकारी हुई कि वह आज स्कूल नहीं आया। इस पर परिजनों ने कामेश की रिश्तेदारी आदि में जानकारी की, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चल सका।
आज रामजानकी कोतवाली पहुँचा और उसने कामेश के लापता होने की जानकारी दी। उसने बताया कि डेढ़ साल पहले उसके पुत्र कामेश का मिशनरी के कुछ लोग अपहरण कर तेलंगाना ले गये थे। वहाँ से कोतवाली पुलिस ने कामेश को बरामद किया था। बीते रोज उसका पुत्र फिर लापता हो गया। उसने पुत्र कामेश के अपहरण की आशंका जताते पुत्र का पता लगाने की माँग की।

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