सेक्स रैकेट में लिप्त पत्रकार को पुलिस ने किया गिरफ्तार, ठगी से अर्जित नोटों से ऐशोआराम की जुटाई सुविधायें

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उरई (जालौन)। ग्वालियर पुलिस द्वारा एसपी जालौन की सहमति पर कदौरा क्षेत्र ग्राम बबीना निवासी एक ऐसे सरगना को उसके आवास से गिरफ्तार करते हुये उसके घिनौने व जालसाजीपूर्ण कार्यों का खुलासा किया तो क्षेत्र में सनसनी फैल गयी। क्योंकि पुलिस की गिरफ्त में फंसे सरगना ने पिछले पांच वर्षों से एक समाचार पत्र से जुड़कर मीडिया कर्मी का लबादा ओढ़ लिया था ताकि उसकी पुलिस में हनक बनी रहे और गांव के लोग भी उसके कारनामों की पोल खोलने की हिम्मत न जुटा सके।
गौरतलब हो कि थाना कदौरा क्षेत्र में मंगलवार की प्रातः ग्वालियर से आयी मप्र राज्य सायबर की विशेष पुलिस टीम द्वारा एसपी अमरेंद्र प्रताप की सहमति पर थाना पुलिस सहित कदौरा पुलिस के सहयोग से ग्राम बबीना में अलसुबह तथाकथित पत्रकार अंकित द्विवेदी पुत्र राकेश निवासी हांसा व बबीना के घर ग्वालियर इंस्पेक्टर आदिब बेग मिर्जा ने अपनी टीम एवं कदौरा पुलिस के एसआई विजय प्रताप, का. प्रमोद, सुधीर कुमार, नितिन उपाध्याय के सहयोग से छापेमारी की गयी काफी देर तक युवक अंकित को बाहर निकालने के लिए परिजनों से कहती रही जब परिजनों ने उक्त को बाहर नही निकाला तो मजबूरन पुलिस ने दीवार फांदकर अंदर छिपे कथित पत्रकार को दबोच लिया और परिजनों को बताया कि ग्वालियर में उक्त युवक के खिलाफ शिकायत है। उक्त युवक बालिग व नाबालिग लड़कियां से धंधा करवाने के रैकेट में शामिल है जिसने कई लड़कियों को सेक्स के बाजार में रुपया लेकर परोसने का काम करता है। जिन्होंने परोसी गयी लड़कियों की फोटो व अंकित का मोबाईल नम्बर व अकाउंट नम्बर परिजनों एवं ग्रामीणों को दिखाते हुये अंकित उर्फ सोनू द्विवेदी को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गयी। बाद में ग्वालियर से आयी सायबर टीम द्वारा प्रेस वार्ता में बताया गया कि उक्त युवक लड़कियों से धंधा करवाने का रैकेट चलाता है जिसमें कुछ भोली भाली व जरूरतमंद लड़कियों को पूरे प्रदेश में जिस्म के सौदागरों को हर उम्र के रेट के अनुसार पैसा अपने अकाउंट में डलवाकर लड़कियों को उनके अड्डे में भिजवाता था। इंस्पेक्टर द्वारा बताया गया कि उक्त तथाकथित पत्रकार के मोबाईल नम्बर से उन्हें फोन करके भी लड़की सप्लाई करने के लिए अपने अकाउंट में रूपये डलवाये गए। वही उक्त अधिकारी के मोबाईल में कई लड़कियो की फोटो इस युवक का मोबाईल नम्बर एवं अकाउंट नम्बर सहित अन्य सुबूत मौजूद थे। फिलहाल कार्रवाई के लिए उक्त एमपी पुलिस द्वारा रैकेट में शामिल अन्य एक और अपराधी को नकबपोश करके हिरासत में लिए थे साथ खुद को पत्रकार कहने वाले अंकित उर्फ सोनू द्विवेदी महाराज के पैतृक गांव हांसा में भी छापेमारी की गयी। बताया जाता है कि उक्त तथाकथित पत्रकार अंकित महाराज अपना एक गिरोह बनाकर विगत 10 वर्षो से से मोबाईल सिमो से लोगों को गुमराह कर फर्जी बैलेंस डलवाने का कार्य करता रहा। कई बार दिल्ली पुलिस से लेकर अन्य राज्य की पुलिस द्वारा उक्त युवक को लेकर छापेमारी भी की गई लेकिन हर बार युवक शातिर दिमाग व बेसुमार दौलत के चलते बचता रहा अखबारां में उक्त कारनामा कई बार प्रकाशित हुये तो अंकित द्विवेदी ने जुगाड़ कर उरई से सिस्टम बनाकर एक चर्चित अखबार की एजेंसी रुपयों के दम पर ले ली जिसकी मोटी रकम देख प्रेस द्वारा उसे पत्रकारिता का तमगा दे दिया गया जिसके बाद उक्त नटवर लाल द्वारा पत्रकारिता का चोला ओढ़कर अब हनक के साथ अपना ठगी का व्यापार करने लगा और उक्त अवैध कमाई से वह फर्श से अर्श तक पहुंच गया फिलहाल अबकी बार विशेष सुबूतां के आधार पर नटवरलाल मप्र पुलिस की चंगुल में फंस गये और उसके द्वारा अनैतिक कृत्यों से तैयार की गयी ऐशगाह बीरान हो गयी।
सेक्स रैकेट में लिप्त पत्रकार को पुलिस ने किया गिरफ्तार, ठगी से अर्जित नोटों से ऐशोआराम की जुटाई सुविधायें
उरई (जालौन)। ग्वालियर पुलिस द्वारा एसपी जालौन की सहमति पर कदौरा क्षेत्र ग्राम बबीना निवासी एक ऐसे सरगना को उसके आवास से गिरफ्तार करते हुये उसके घिनौने व जालसाजीपूर्ण कार्यों का खुलासा किया तो क्षेत्र में सनसनी फैल गयी। क्योंकि पुलिस की गिरफ्त में फंसे सरगना ने पिछले पांच वर्षों से एक समाचार पत्र से जुड़कर मीडिया कर्मी का लबादा ओढ़ लिया था ताकि उसकी पुलिस में हनक बनी रहे और गांव के लोग भी उसके कारनामों की पोल खोलने की हिम्मत न जुटा सके।
गौरतलब हो कि थाना कदौरा क्षेत्र में मंगलवार की प्रातः ग्वालियर से आयी मप्र राज्य सायबर की विशेष पुलिस टीम द्वारा एसपी अमरेंद्र प्रताप की सहमति पर थाना पुलिस सहित कदौरा पुलिस के सहयोग से ग्राम बबीना में अलसुबह तथाकथित पत्रकार अंकित द्विवेदी पुत्र राकेश निवासी हांसा व बबीना के घर ग्वालियर इंस्पेक्टर आदिब बेग मिर्जा ने अपनी टीम एवं कदौरा पुलिस के एसआई विजय प्रताप, का. प्रमोद, सुधीर कुमार, नितिन उपाध्याय के सहयोग से छापेमारी की गयी काफी देर तक युवक अंकित को बाहर निकालने के लिए परिजनों से कहती रही जब परिजनों ने उक्त को बाहर नही निकाला तो मजबूरन पुलिस ने दीवार फांदकर अंदर छिपे कथित पत्रकार को दबोच लिया और परिजनों को बताया कि ग्वालियर में उक्त युवक के खिलाफ शिकायत है। उक्त युवक बालिग व नाबालिग लड़कियां से धंधा करवाने के रैकेट में शामिल है जिसने कई लड़कियों को सेक्स के बाजार में रुपया लेकर परोसने का काम करता है। जिन्होंने परोसी गयी लड़कियों की फोटो व अंकित का मोबाईल नम्बर व अकाउंट नम्बर परिजनों एवं ग्रामीणों को दिखाते हुये अंकित उर्फ सोनू द्विवेदी को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गयी। बाद में ग्वालियर से आयी सायबर टीम द्वारा प्रेस वार्ता में बताया गया कि उक्त युवक लड़कियों से धंधा करवाने का रैकेट चलाता है जिसमें कुछ भोली भाली व जरूरतमंद लड़कियों को पूरे प्रदेश में जिस्म के सौदागरों को हर उम्र के रेट के अनुसार पैसा अपने अकाउंट में डलवाकर लड़कियों को उनके अड्डे में भिजवाता था। इंस्पेक्टर द्वारा बताया गया कि उक्त तथाकथित पत्रकार के मोबाईल नम्बर से उन्हें फोन करके भी लड़की सप्लाई करने के लिए अपने अकाउंट में रूपये डलवाये गए। वही उक्त अधिकारी के मोबाईल में कई लड़कियो की फोटो इस युवक का मोबाईल नम्बर एवं अकाउंट नम्बर सहित अन्य सुबूत मौजूद थे। फिलहाल कार्रवाई के लिए उक्त एमपी पुलिस द्वारा रैकेट में शामिल अन्य एक और अपराधी को नकबपोश करके हिरासत में लिए थे साथ खुद को पत्रकार कहने वाले अंकित उर्फ सोनू द्विवेदी महाराज के पैतृक गांव हांसा में भी छापेमारी की गयी। बताया जाता है कि उक्त तथाकथित पत्रकार अंकित महाराज अपना एक गिरोह बनाकर विगत 10 वर्षो से से मोबाईल सिमो से लोगों को गुमराह कर फर्जी बैलेंस डलवाने का कार्य करता रहा। कई बार दिल्ली पुलिस से लेकर अन्य राज्य की पुलिस द्वारा उक्त युवक को लेकर छापेमारी भी की गई लेकिन हर बार युवक शातिर दिमाग व बेसुमार दौलत के चलते बचता रहा अखबारां में उक्त कारनामा कई बार प्रकाशित हुये तो अंकित द्विवेदी ने जुगाड़ कर उरई से सिस्टम बनाकर एक चर्चित अखबार की एजेंसी रुपयों के दम पर ले ली जिसकी मोटी रकम देख प्रेस द्वारा उसे पत्रकारिता का तमगा दे दिया गया जिसके बाद उक्त नटवर लाल द्वारा पत्रकारिता का चोला ओढ़कर अब हनक के साथ अपना ठगी का व्यापार करने लगा और उक्त अवैध कमाई से वह फर्श से अर्श तक पहुंच गया फिलहाल अबकी बार विशेष सुबूतां के आधार पर नटवरलाल मप्र पुलिस की चंगुल में फंस गये और उसके द्वारा अनैतिक कृत्यों से तैयार की गयी ऐशगाह बीरान हो गयी।

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