जैन धर्म भारत की संस्कृति का सार: राजीव पारीछा

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-यूनाईटेड जैन लायर्स एसो. का सम्मेलन सम्पन्न
झाँसी। यूनाईटेड जैन लायर्स एसोसियेशन का सम्मेलन सरोकोद्धारक आचार्य ज्ञानसागर महाराज के ससंघ सानिध्य में न्यायमूर्तिगणों, अधिवक्ताओं एवम् जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में जैन तीर्थ करगुवां जी में सम्पन्न हुआ, जिसमें विवादों के निपटारे के लिये आपसी मध्यस्थाई व समझाईस पर जोर देते हुए पर्यावरण संरक्षण, गौ हत्या एवं गौ मांस निर्यात पर प्रतिबंध आदि प्रस्ताव पारित किए गए।
आचार्य ज्ञानसागर महाराज ने कहा कि समस्याओं के निराकरण के लिए आम जनता अधिवक्ताओं से सम्पर्क करती है संस्कारों और मानवीय मूल्यों के हित को संरक्षण करना तुम्हारी प्राथमिकता होनी चाहिए। डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद, मोतीलाल नेहरू, महात्मा गांधी की वकालत से प्रेरणा लेकर कार्य करने की सीख देते हुए उन्होंने कहा कि पीडितों का सहारा बन सकें तो इहलोक और परलोक दोनों ही कल्याणकारी होंगी। न्यायमूर्ति अभय गोयल ने आपसी मेलजोल और मितव्ययता को समस्याओं के समाधान का मंत्र बताते हए कहा कि आचार्य ज्ञान सागर महाराज ने पूरे विश्व के जैन अधिवक्ताओं को संस्कार देने का कार्य किया है। भोपाल में खुले समाधान सेन्टर की तरह जगह-जगह समाधान केन्द्र खोले जाने को भी उन्होंने जरूरी बताया। पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने जन जन सरोकारों के मामलों में जनहित याचिकायें डाले जाने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार को मांस निर्यात रोकना चाहिए और गाय के गोबर का समर्थन मूल्य घोषित कर संस्कृति व पर्यावरण की रक्षा को कदम उठाना चाहिए।
संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सुशील कुमार जैन ने सामाजिक एकता पर जोर दिया तो राष्ट्रीय महामंत्री अन्तर्राष्ट्रीय मामलों में विधि सलाहकार अजय वीर सिंह जैन ने न्यायालयों की प्रक्रिया में तेजी से हो रहे परिवर्तनों की जानकारी देते हुए कहा कि एआई की जानकारी के साथ तकनीक में हाईटैक होकर स्किल को अपग्रेड करना होगा।
विधायक बबीना राजीव सिंह पारीछा ने जैन धर्म को भारत की संस्कृति का सार बताते हुए कहा कि जब तक धर्मा ग्रंथों की सुरक्षा है, सन्तों की सुरक्षा है जब तक विश्व भी सुरक्षित है। जैन अधिवक्ता व न्यायमूर्ति गणों का सम्मेलन रचनात्मक परिणाम लाएगा। मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक एस.एम. जैन (राजस्थान) ने संस्था द्वारा धर्म व समाज के हित में उठाए कदमों की विस्तृत जानकारी दी। ब्र. बहिन अनीता दीदी ने सद्भाव व एकता पर जोर दिया। वरिष्ठ पत्रकार कैलाश चन्द्र जैन ने न्याय के क्षेत्र में मानवीय सम्वेदनाओं की वकालत करते हुए आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज की प्रेरणा को उपकारी बताया।
वक्ताओं में पंचायत अध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जैन एड., रजनी जैन एड., पवन जैन एड. नेमीचन्द्र जैन गंजबासोदा, शिखर चन्द्र जैन, धर्मेन्द्र जैन, गौरव जैन (आगरा), अशोक गोयल (टीकमगढ़), प्रकाश चन्द्र जैन डबरा, श्री कल्पना जैन भोपाल, विमल जैन, राय सेन, अजित जैन ललितपुर, धन्यकुमार जैन नोटरी, रत्नप्रभा जैन, मदन जैन दमोह आदि ने अधिवक्ताओं के दायित्व व भूमिका पर प्रकाश डाला। अतिथियों का स्वागत करगुवां तीर्थ मंत्री सुभाष जैन, सिं. रिषभ जैन, कमल जैन, राजेश जैन आदि ने किया।

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