तोपची गुलाम गौस खां एवं सेनापतियों को दी श्रद्धांजलि

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झांसी। वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई बलिदान दिवस समारोह समिति के तत्वावधान में आज रानी झांसी दुर्ग स्थित रानी झांसी के मुख्य तोपची गुलाम गौस खां, सेनापति खुदाबख्श एवं मोतीबाई की समाधि पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य एवं बौद्ध संस्थान के अध्यक्ष हरगोविंद कुशवाहा के मुख्य आतिथ्य एवं क्षत्रिय कलचुरी कलवार महासंघ के अध्यक्ष राय की अध्यक्षता में श्रद्धांजलि दी गयी। इस अवसर पर श्री राय ने कहा कि 4 जून 1858 को अंग्रेजी सेना के साथ लड़ते हुए मुख्य तोपची गुलाम गौस खां, खुदाबख्श एवं मोतीबाई वीरगति को प्राप्त हुए। तब रानी झांसी ने तीनों शहीदों को अपने हाथ से सलामी दी थी।
इस मौके पर मनमोहन गेड़ा, डा. सुनील तिवारी, दीपशिखा शर्मा, प्रगति शर्मा, मुश्ताक, अंकित राय, रामकुमार शिवहरे, जगजीवन राय, धर्मेन्द्र शिवहरे, रामेश्वर राय, कमलेश राय, जाहिद हुसैन, दीपक साहू आदि विशेष रुप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संजीव शर्मा ने किया व आभार अंकित राय ने व्यक्त किया।
वहीं गुलाम गौस खा युथ ब्रिगेड द्वारा महारानी लक्ष्मीबाई के प्रमुख तोपची रहे गुलाम गौस् खां सहाब का शहादत दिवस मनाया गया। शहादत दिवस के मौके पर गुलाम गौस खां चैक को सजाया गया और उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया है कि वहीं गुलाम गौस खां यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष रिजवान राईन से अपने साथियो के साथ किला स्थित उनकी मजार पर चादर चड़ाई और अमन चैन की दुआ मांगी वहीं प्रदेश उपाध्यक्ष जाकिर कुरैशी जिलाध्यक्ष तौसिफ शेख की अध्यक्षता में जिला अस्पताल में फल वितरण किये और गरीब बेसहारा लोगों का खाना वितरण किया गया।
इस मौक पर प्रदेश अध्यक्ष रिजवान राईन ने गुलाम गौस खां सहाब की शहादत दिवस पर सभी साथियो को बताया कि झांसी की हर उस लड़ाई में गुलाम गौस खा सहाब का सबसे ज्यादा योगदान रहा जो झांसी की रानी ने अंग्रेजो से लड़ाइ लड़ी थी गुलाम गौस खां शहादत दिवस के दिन न केवल उनको याद किया गया। जिसमें मोतीवक्स सुन्दर, मुन्दर और भी कई वीर है जिनको याद किया जा रहा है।
इस मौके पर नगर अध्यक्ष आसिफ खान, जाहिद, आसिफ खां, हसीन अंसारी, इरफान कुरैशी, नदीम कुरैशी, जावेद कुरैशी आदि मौजूद रहे।

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