पर्यावरण एवं जल संरक्षण पर गोष्ठी 4 जून को

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झाँसी । ग्लोबल वार्मिंग मानव एवं प्रकृति के लिए भयानक होती जा रही है। अब यह किसी देश विशेष की समस्या नहीं बल्कि देश की सीमाओं से परे पूरे विश्व की चिंता का विषय है। इससे पृथ्वी के अस्तित्व को भारी खतरा उत्पन्न हो गया है। वातावरण मंे घुलने वाली जहरीली गैंसो की मात्रा चिंता जनक स्तर से काफी अधिक हो चुकी है। जैसे कार्बन डाई आॅक्साइड की मात्रा सहन शीलता से 200 गुना ज्यादा प्रतिवर्ष वातावरण में घुलने के कारण धरती का तापमान निरंतर बढ रहा है। विश्व में आज औसत तापमान 15 डिग्री सेल्सियस है जो पिछली शताब्दी के औसत तापमान से 02 डिग्री सेल्सियस अधिक है। सोमवार 04 जून को सांयकाल 05 बजे स्थानीय होटल मंे पर्यावरण एवं जल संरक्षण गोष्ठी के आयोजन से पूर्व यह जानकारी संयोजक कुंज बिहारी गुप्ता एड0 ने देते हुए बताया कि भारत विकास परिषद प्रमुख शाखा द्वारा इस क्षेत्र मंे लगातार प्रयास किये जा रहे है।
श्री गुप्ता ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण हिमनद पिघल रहे है। अनुमान है कि वर्ष 2035 तक हिमालय मंे 40 प्रतिशत ग्लेशियर पूरी तरह खत्म हो जाने पर गर्मी बढने के साथ ही भयानक जन संकट भी उत्पन्न होगा। ग्लेशियर्स पिघलने से समुद्र का जल स्तर प्रतिवर्ष बढ रहा है। जिससे समुद्र किनारे बसे नगरों व गांवो के डूबने करोड़ों लोग बेघर होंगे तथा सुनामी और अलनीनो जैसी आपदायें भी होती रहेंगी। ग्लोबल वार्मिंग से कम वर्षा, सूखा, धूल भरी आंधी जैसे दुष्प्रभाव सामान्य होने के साथ ही भू-जल का निर्ममता से दोहन एवं जल की अत्याधिक बर्बादी मंे जल संकट को भयानक समस्या बना दिया है। उन्होने बताया कि पूर्व मंे यह आशंका पहले ही जताई जा चुकी है कि जल संकट ऐसे ही बढता रहा तो एक दिन विश्व युद्ध की नौबत तक आ सकती है। जिसकी शुरूआत कहीं न कहीं चीन, पाकिस्तान व बंगलादेश से पानी को लेकर होने वाले विवादांे से होती नजर आ रही है। सन 2025 तक दुनिया की एक तिहाई आवादी प्यासी होगी और 2050 तक तो प्यासे मरने की नौबत आ जायेगी।
संरक्षक डाॅ0 एस.आर गुप्ता ने बताया कि भारत विकास परिषद प्रमुख शाखा द्वारा 05 जून को पर्यावरण दिवस या इसकी पूर्व संध्या पर प्रतिवर्ष पर्यावरण के प्रति जागरूकता हेतु कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। भारत विकास परिषद के केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा इस प्रकार के आयोजनों का निर्देश देश की सभी शाखाओं को दिया गया है। इस वर्ष भी सोमवार को सांयकाल 05 बजे कमिश्नरी के निकट होटल में पर्यावरण एवं जल संरक्षण गोष्ठी मंे प्रबुद्ध जनों एवं महानगर के गणमान्य नागरिकांे व विशेषज्ञों की मौजूदगी मंे इस दिशा मंे प्रयासों के सम्बंध मंे मंथन किया जायेगा एवं सुझाव भी दिये जायंेगे। परिषद द्वारा वृक्षारोपण हेतु लगातार कार्य किया जा रहा है। पत्रकार वार्ता के दौरान गोष्ठी संयोजक इं0 जगदीश कटारे, रीजलन मंत्री एम.एस गुप्ता, प्रान्तीय अध्यक्ष प्रदीप श्रीवास्तव, अध्यक्ष राकेश पाठक, अशोक अग्रवाल, आर.पी. गुप्ता, विकास लोहिया, जागृति नीखरा उपस्थित रहे।

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