एक्स.रे टेक्नीशियन की पत्नी की हत्या का हुआ खुलासा, एक बन्दी, महिला समेत चार की तलाश जारी

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झाँसी। मेडिकल कॉलेज में तैनात एक्स.रे टेक्नीशियन की पत्नी की हत्या कर बदमाश लाखों कीमत के जेवर व नकदी लूट ले गये थे। इस मामले का पुलिस ने आज खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने एक आरोपी को बन्दी बना लिया है। पुलिस ने लूटा गया एक मंगलसूत्र व रुपये बरामद कर लिये। हत्या व लूट में शामिल चार बदमाशों की पुलिस तलाश कर रही है।
गोरखपुर निवासी वीरेन्द्र श्रीवास्तव यहाँ मेडिकल कॉलेज में एक्स.रे टेक्नीशियन के पद पर तैनात हैं और मेडिकल कॉलेज परिसर में बने सरकारी क्वार्टर में परिवार समेत रहते हैं। 17 मई के दिन उनकी पत्नी आशा श्रीवास्तव की बदमाशों ने घर में घुसकर हत्या कर दी थी और लाखों कीमत के सोने.चाँदी के जेवर लूट लिये थे। इसी दौरान स्कूल से पढ़कर घर लौटी उनकी पुत्री खुशी ने दरवाजा खटखटायाए तो अन्दर से कोई आवाज नहीं आयी। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने पर अन्दर से कोई आवाज न आने पर उसने खिड़की से झांककर अन्दर देखा तो कुछ युवक कमरे में दिखायी दिये। वह कह रहे थे कि कोई आ गया। यह कहते हुए बदमाश वहाँ से भाग निकले। इस पर खुशी पड़ोस में रहने वाले आशुतोष के घर गयी और उन्हें सारी बात बतायी थी। आशुतोष वीरेन्द्र श्रीवास्तव के अण्डर में ट्रैनिंग कर रहा था। आशुतोष दीवार फाँदकर घर में घुसा तो वहाँ आशा श्रीवास्तव का रक्तरंजित शव पड़ा था। साथ ही सामान अस्त.व्यस्त पड़ा था। इस मामले में वीरेन्द्र श्रीवास्तव की तहरीर पर पुलिस ने धारा 394 व 449 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
आशा श्रीवास्तव की हत्या की गुत्थी सुलझाने का जिम्मा स्वाट प्रभारी व कोतवाली प्रभारी निरीक्षक उमेश चन्द्र त्रिपाठी को सौंपी गयी। पूछताछ के दौरान खुशी ने स्वाट टीम प्रभारी को बदमाशों का हुलिया व चेहरा बताया था। उसने बताया था कि कमरे में घुसे बदमाश कॉलोनी में पहले भी दिखायी दिये हैं। इस पर स्वाट टीम प्रभारी ने अपनी जाँच शुरू कर दी। उनका मानना था कि आशा देवी की हत्या व लूट के पीछे किसी आसपास के लोग का हाथ है। स्वाट टीम का जाँच बिन्दु आसपास के व्यक्ति से शुरू हुआ। स्वाट ने खुशी द्वारा बतायी गयी हुलिया के आधार पर जाँच शुरू कीए तो कुछ लोगों ने बताया घटना के करीब एक सप्ताह पहले से मेडिकल कॉलेज के पीछे की बाउण्ड्री फांदकर कुछ लोग मेडिकल कॉलोनी परिसर में आते हैंए जो कि मेडिकल कॉलेज में सफाई कर्मी पुष्पा के घर जाते हैं। खुशी व लोगों द्वारा बताये गयी हुलिया के आधार पर पुलिस ने छानबीन शुरू कीए तो पता चला कि उसमें से एक युवक पुष्पा की बहन का लड़का हैए जिसे उसने गोद लिया है। घटना के बाद से पुष्पा की बहन का लड़का गायब है। पुलिस ने उसकी तलाश में जाल बिछाना शुरू कर दिया।
जब.जब पुलिस आशा देवी के घर व मेडिकल कॉलेज में जाँच के लिए जाती पुष्पा वहाँ आ जाती थी। हत्या के बाद जब पुलिस घटनास्थल पर गयी थीए तब भी पुष्पा वहाँ मौजूद थी। वह पूरी जानकारी कर रही थी। वह पुलिस की गतिविधि पर पूरी नजर रखे थी। घटना के समय मेडिकल कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजू उसके घर के पास आम बीन रहा था। राजू को पुलिस ने जैसे ही हिरासत में लियाए तो पुष्पा निश्चिंत हो गयी कि पुलिस को उस पर शक नहीं है। हुलिया के आधार पर जब पुलिस ने पुष्पा के पुत्र की तलाश शुरू कीए तो वह तत्काल मेडिकल कॉलेज परिसर से भाग निकली।
स्वाट टीम प्रभारी उमेश चन्द्र त्रिपाठी व नवाबाद थाना प्रभारी निरीक्षक सन्तप्रकाश अपनी टीम के साथ हत्यारोपियों की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि मेडिकल कॉलेज परिसर में हुई महिला की हत्या में शामिल एक बदमाश कुम्हार कुआं हाइवे पर मौजूद है और कहीं भागने की फिराक में है। सूचना पर स्वाट टीम व नवाबाद थाना पुलिस मौके पर जा पहुँची। पुलिस को देख वहाँ मौजूद एक युवक भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस ने घेराबन्दी कर युवक को दबोच लिया। पुलिस ने उसके पास से लूटा गया एक मंगलसूत्रए मोबाइल फोन व 11 सौ रुपये बरामद किये।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम बण्टी अहिरवार पुत्र कालका प्रसाद निवासी जरियाई चिरगाँव बताया। उसने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर करीब एक सप्ताह से वीरेन्द्र श्रीवास्तव के घर की रैकी कर रहा था। इस पर योजना बनायी गयी कि डॉक्टर साहब ड्यूटी व उनकी पुत्री जब स्कूल जाएगीए तभी घटना को अंजाम दिया जाएगा। 17 मई को वह अपने साथियों के साथ दीवार फाँदकर उसके घर में घुस गये। आशा देवी उसके साथियों को पहचानती थी। इस कारण पकड़े जाने के डर से उसकी हत्या कर दी और पीछे से कूदकर बजरंग कॉलोनी होते हुए भाग निकले।

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