बेरोकटोल चल रहा अवैध मौरम खनन का काम

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-पाॅकलैंड मशीनें बेतवा नदी का सीना कर रही झलनी
-एनआर पर मौरम भरे वाहन भरते फर्राटा
उरई (जालौन)। आजकल जनपद में करप्शन, कमीशन व कुशासन की छत्रछाया में अवैध मौरम खनन का कारोबार जमकर फलता फूलता नजर आ रहा है। हद की बात तो देखिये कस्बा कोटरा से सीधे झांसी जनपद को जोड़ने के लिये करोड़ों रुपये की लागत से बनाये जा रहे पुल के समीप से ही दिन दहाड़े पाॅकलैंड मशीनों द्वारा लगातार मौरम का खनन किया जा रहा है। ऐसे लोगों को रोकने, टोकने की स्थिति में जिले के आला अधिकारी भी असहाय नजर आ रहे हैं। फिर चाहे करोड़ों रुपये से निर्मित पुल चालू होने से पहले ही क्यों न धरासायी हो जाये। ताज्जुब की बात तो यह है कि ज्यादातर ओवरलोड मौरम भरे वाहन कच्चे पुल से ही निकासी होती है जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना घटित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
कोटरा क्षेत्र में अवैध मौरम का खनन जहां सिकरी व्यास से हो रहा है तो वहीं करथरा डेरा के समीप से भी भारी संख्या में पाॅकलैंड मशीनें अवैध खनन कराने में जुटी हुयी हैं। सूत्रों की मानें तो यहां पर मौरम माफियाओं ने नदी की जलधारा को रोककर कच्चे पुल का निर्माण भी कर लिया है ताकि मौरम भरे वाहन आसानी से निकलते रहे। सिकरी व्यास में खंड संख्या 1, 2, 3 से अवैध खनन हो रहा है तो कुछ लोग खंड संख्या 4 का पट्टा होने का दावा करते हैं। जबकि खंड संख्या 6 व 7 से शाम ढलते ही ट्रैक्टरों से मौरम खनन का सप्लाई का काम शुरू हो जाता है। तो जनपद के अंतिम सीमा पर बसे कस्बा कोटरा को सीधे झांसी जनपद को जोड़ने के लिये बेतवा नदी पर करोड़ों रुपये की लागत से पुल का निर्माण विगत कई वर्षों से कराया जा रहा जो आज भी निर्माणाधीन हैं। लेकिन मौरम माफियाओं की नजर निर्माणाधीन पुल के समीप से ही पाॅकलैंड मशीनों से अवैध तरीके से मौरम का खनन रात के अंधेरे में नहीं बल्कि दिन के उजाले में खुलेआम किया जा रहा है। यहां से ओवरलोड मौरम भरे वाहन निर्माणाधीन पुल के समीप बने कच्चे पुल से होकर कोटरा होते हुये गंतव्य स्थान को जाते रहते हैं। ऐसे वाहनों को रोकने की स्थिति में कोटरा थाना पुलिस की तो छोड़िये जनपद मुख्यालय में बैठने वाले शायद ही कोई अधिकारी हिम्मत जुटा पाये। हैरत की बात तो यह है कि कोटरा क्षेत्र से हो रहे अवैध मौरम खनन की खासियत यह है कि यहां से मौरम भरकर निकलने वाले ज्यादातर वाहन एनआर होते हैं। क्षेत्रीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि क्षेत्र में चैबीस घंटे लग्जरी वाहनों पर सशस्त्र लोगों की चहल कदमी बनी रहती है जिससे किसी भी दिन कोई गंभीर घटना घटित होने से इंकार नहीं किया जा सकता हैं। ऐसे लोगांे का कहना था कि पहले बसपा के शासन में मौरम की खुली लूट मची रही फिर सपा के शासन में ऐसा ही खेल खुलेआम मौरम माफिया खेलते रहे और अब भाजपा के शासन में भी बसपा-सपा शासन की तरह ही अवैध मौरम खनन का सिलसिला शुरू हो गया है। ऐसे अवैध कारोबार पर रोक लगाने की हाल फिलहाल किसी अधिकारी में हिम्मत नजर नहीं आ रही है।

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