इग्नू के परिचय समारोह का हुआ समापन

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झांसी। बिपिन बिहारी महाविद्यालय में इग्नू से सम्बन्धित जानकारी देने हेतु एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें इग्नू के 2018 सत्र व बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय नव प्रकाशित छात्र-छात्राओ ने उपस्थित होकर इग्नू की बारीकियों को जाना।
इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय केन्द्र लखनऊ में 26 अप्र्रैल को इग्नू के जनवरी 2018 के सत्र में इग्नू अध्ययन केन्द्र-2712, बिपिन बिहारी कालेज एवं इग्नू कार्यक्रम अध्ययन केन्द्र 27142 बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के नव प्रवेशित छात्र एवं छात्राओं हेतु परिचय सत्र का आयोजन इग्नू अध्ययन केन्द्र, बिपिन बिहारी कालेज में किया। इस परिचय सत्र का उद्देश्य नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं को दूरस्थ शिक्षण प्रणाली एवं इग्नू नियमावली की समस्त जानकारी एक ही पटल से देने के लिए किया गया।
डाॅ. अनिल कुमार मिश्र, उप निदेशक इग्नू ने सभी नवप्रवेशित छात्रों को बताया कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय आज न केवल भारतवर्ष का अपितु विश्व का सबसे बड़ा मुक्त विश्वविद्यालय है। यह देश भर में व्याप्त 67 क्षेत्रीय केन्द्रो एवं लगभग 3000 विद्यार्थी सहायता केन्द्रो के माध्यम से अपने 28 लाख से अधिक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध करा रहा है। इग्नू इस समय 228 शैक्षिक कार्यक्रम चला रहा है, जिन्हें विद्यार्थी अपनी आवश्यकतानुसार चुन सकते है।
डाॅ. मिश्र ने कहा कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय प्रभावी एवं विद्यार्थी अनुकूल शिक्षण प्रणाली के लिए स्व.शिक्षण मुद्रित और दृश्य-श्रव्य सामग्री आई.सी.टी समर्थित ई-अध्ययन मल्टी-मीडिया एवं मोबाइल आधारित अध्ययन, रूबरू परामर्श, अध्यापन, प्रयोगशाला और व्यावहारिक अनुभव एवं वेब कान्फ्रेसिंग सम्मिलित है।
दूरस्थ शिक्षा प्रणाली में परामर्श सत्र के महत्व पर प्रकाश डालते हुये विद्यार्थियों को अपनी शैक्षिक समस्याओं के समाधान हेतु इन सत्रो में उपस्थित होने की सलाह दी। उन्होंने अध्ययन केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाओं को सर्वोत्कृष्ट प्रयोग करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
इग्नू की मूल्यांकन विधि एवं परीक्षा प्रणाली पर समझाते हुये उन्होंने दूरस्थ शिक्षा प्रणाली में सत्रीय कार्य के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी जिससे छात्रों को इग्नू अध्ययन काल में किसी प्रकार की कठिनाई न आ सके। उन्होंने बताया भारत सरकार के आओ डिजिटल हो जाये। कार्यक्रमो के अन्तर्गत इग्नू के पुनः पंजीकरण एवं परीक्षा फार्म केवल आॅनलाइन माध्यम से ही भरे जा सकते है। पहले की तरह इग्नू के छात्रों को भारतवर्ष में किसी भी परीक्षा केन्द्र से परीक्षा देने की सुविधा प्राप्त रहेगी।
इग्नू की प्रवेश प्रणाली के लचीलेपन के बारे में बताते हुए कहा कि जब चाहो प्रवेश पाओ के अन्तर्गत पूरे वर्ष छात्रो को प्रवेश प्रदान किया जाता है एवं प्रवेश हेतु प्रकार की टी.सी या माइग्रेशन प्रमाणसत्र की आवश्यकता नहीं होती है। इग्नू द्वारा चलाये जा रहे बी.पी.सी कार्यक्रम पर जोर देते हुये डाॅ. मिश्र ने कहा कि वे सभी लोग जिन्होंने किसी भी प्रकार की कोई औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं की है एवं उनकी आयु 18 वर्ष से अधिक है वे बी.पी.पी कार्यक्रम के माध्यम से उच्चतर शिक्षा से जुड़ सकते है। छः माह का बी.पी.पी पाठ्यक्रम पास करने के पश्चात इग्नू से स्नातक, डिप्लोमा एवं प्रमाण-पत्र कार्यक्रम कर सकते है।
इस अवसर पर प्राचाय्र बिपिन बिहारी कालेज, डाॅ.एम.एम पाण्डेय ने सभी शिक्षार्थियों को अपने अंदर नियमित अध्ययन एवं समयबद्धता की आदत को विकसित करने की सलाह दी। डाॅ.आर.बी शर्मा समन्वयक बिपिन बिहारी कालेज ने छात्रों को अध्ययन होने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रो. काव्या दुबे, प्रोग्राम इंजार्च, इग्नू ने विश्वविद्यालय में संचालित इग्नू अध्ययन केन्द्र पर उपलब्ध के बारे में विस्तार से चर्चा की। परिचय सत्र में डाॅ.पी.सी सिंघल, डाॅ.ए.के श्रीवास्तव, डाॅ. योगेश पाण्डेय, डाॅ. सुनील त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।

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