एई साहब बोले विधायक तो फर्जीवाड़ा करते है मै तो काम करता हूं

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झाँसी। डीआरडीए विभाग इन दिनों अपने सहायक अभियंता के कारनामों के चलते चर्चा में है। लंबे समय से काबिज एई ने मर्यादाओं की सारी सीमाएं लांघ दी हैं। यहां तक कि जनप्रतिनिधियों की बात को भी वह तवज्जो नहीं दे रहे। वे साफ कहते हैं कि काम मैं करता हूं सीएम नहीं जो उनके आदेशों का पालन करुं।
शासन की कई महत्वपूर्ण योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी जिला ग्राम्य विकास अभिकरण पर है। इसे संक्षिप्त में डीआरडीए कहा जाता है। विधायक निधि के काम यहीं से संचालित किए जाते हैं। विधायक अपनी निधि से जो प्रस्ताव भेजते हैं विभाग के सहायक अभियंता मौके पर जाकर सत्यापन करते हैं और उसी अनुसार इस्टीमेट बनाकर निधि का पैसा जारी करते हैं। नियमानुसार डीआरडीए को विधायक द्वारा प्रस्तावित कार्य अस्वीकृत होने की सूचना संबंधित जनप्रतिनिधि को कारण सहित देना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा। जब कोई व्यक्ति जानकारी करने आता है तो उसे नियमों का पाठ पढ़ा दिया जाता है। वैसे तो मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर रखा है कि सभी योजनाएं पारदर्शी रखी जाएं और उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके बावजूद डीआरडीए के सहायक अभियंता गोपनीयता पर ज्यादा भरोसा करते हैं। बुधवार को ऐसा ही हुआ। एक जनप्रतिनिधि सहायक अभियंता के पास विधायकों द्वारा प्रस्तावित कार्यों की जानकारी लेने गए तो उन्होंने अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए बाहर निकल जाने का फरमान सुना दिया। जब यह कहा गया कि फलां विधायक ने जानकारी चाही तो एई का जवाब था कि विधायक तो फर्जीवाड़ा करते हैं काम हमें करना है। यही नहीं मुख्यमंत्री से शिकायत करने की बात पर कहा कि जहां चाहे शिकायत करो। काम मैं करता हूं सीएम नहीं। एक जिम्मेदार अधिकारी की इस गैर जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली से न केवल विभाग की प्रतिष्ठा पर दाग लग रहा है बल्कि सरकार की छवि भी खराब हो रही है। उक्त जनप्रतिनिधि ने मुख्यमंत्री को फैक्स भेजकर उक्त एई की शिकायत करने का फैसला किया है।

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