सीएम की सभा में पत्रकार सहित आधा दर्जन लोगों ने की आत्मदाह करने की घोषणा

0
101

 पुलिस द्वारा पीड़ितों को ही प्रताड़ित करने का लगाया आरोप
उरई (जालौन)। पुलिस के द्वारा पीड़ितों की एफआईआर न करने, चोरी की घटनाओं का फर्जी खुलासा करने, उच्चाधिकारियों को लिखने पर पुलिस द्वारा पीड़ितों को ही प्रताड़ित करने के आरोपों से घिरे प्रभारी निरीक्षक कोतवाली उरई देवेंद्र द्विवेदी के रवैया को लेकर पत्रकार जगत यादव सहित आधा दर्जन लोगों ने 13 अप्रैल को उरई आ रहे सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा में आत्मदाह करने की घोषणा की है।
पूरे शहर में पुलिस प्रशासन के विरोध में आत्मदाह करने की घोषणा को लेकर इन लोगों द्वारा शहर में पोस्टर भी चिपकाए जा चुके हैं। जिसमें आरोप लगाया गया है कि कोतवाल देेवेन्द्र कुमार द्विवेदी, चैकी प्रभारी राजेश मिश्रा कांेच बस स्टैंड द्वारा अपराधियों को खुला संरक्षण किया जा रहा है चोरियों के फर्जी खुलासे किए जा रहे हैं जो चोरी की घटनाएं हो रही हैं उनकी एफआईआर नहीं लिखी जा रही है। कोतवाली उरई पुलिस की मनमानी पर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौन है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक, उरई बस स्टैंड चैकी प्रभारी द्वारा अधिकारियों को गुमराह किया जा रहा है। नरेश पटेल, जगत यादव पत्रकार, राजकुमार दुब,े शुघर सिंह, अशोक कुमार, मीरा यादव आदि ने आरोप लगाया कि पुलिस के मनमाने रवैये के कारण वह परेशान है और आत्मदाह के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं बचा है। पत्रकार जगत यादव के अनुसार कोतवाली पुलिस ने आधा दर्जन चोरी की घटनाओं की एफआईआर दर्ज नहीं की। घटना की प्राथमिकी दर्ज करने के लिए उन्होंने चैकी प्रभारी राजेश कुमार मिश्रा पर आरोप लगाया कि जब कोतवाली पहुंचे कोतवाल ने भी सुविधा शुल्क की मांग की। उन्होंने बताया कि लल्लू राजा पटेल के यहां चार नवंबर 17 को ब्रह्मानंद चैधरी के यहां 1 जनवरी 2018 को घर के ताले तोड़कर जेवरात नगदी चोरी चले गए थे। नरेश पटेल प्रताप सिंह के यहां 28 जनवरी 2018 को चोरी की घटना हुई थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी लेकिन उसके द्वारा जो खुलासा किया गया टोटल फर्जी निकला। उमा राजपूत पत्नी जुझार सिंह राजपूत के यहां 27 जनवरी 2018 को चोरी की घटना घटित हुई लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। जगत यादव के यहां जिस दिन उनकी बेटी की शादी थी उसी दिन सूने घर पाकर चोरों ने जेवर नगदी चोरी की घटना को अंजाम दिया इस चोरी की घटना का भी पुलिस ने फर्जी खुलासा किया। जिसकी उच्चाधिकारियों से लगातार शिकायत की जा रही है और जांच के नाम पर पुलिस के आलाधिकारी टहलाते नजर आ रहे हैं। राजकुमार द्विवेदी का आरोप था बीएसएनएल विभाग द्वारा उनका 1 साल से भुगतान नहीं किया जा रहा है गाड़ी का किराया मांगने पर उनके साथ गाली-गलौज कर मारपीट की गई। पुलिस ने मामला रफा-दफा करवा दिया आज दिन तक पूरी घटना की एफआईआर नहीं लिखी गई। उन्होंने अपनी हत्या की आशंका व्यक्त की है ऐसे तमाम मामले हैं जिनके कारण पुलिस के खिलाफ लोगों में नाराजगी है उल्लेखनीय है कि 1 मार्च को कोतवाली पुलिस द्वारा चोरी की घटनाओं का खुलासा किया गया था। उन्होंने चोरी की घटना के खुलासे को फर्जी बताया था और जो बरामदगी की गई थी उसको नकार दिया गया था और कोतवाली पुलिस की शिकायत जालौन पुलिस अधीक्षक से लेकर डीजीपी लखनऊ से की जा चुकी है। पीड़ितों का आरोप है पुलिस के द्वारा उनके ऊपर लगातार किए गए खुलासे को स्वीकार करने का दबाव बनाया जा रहा है। पुलिस का खुलासा ही फर्जी है पीड़ितों का आरोप था कि पुलिस के द्वारा उनको न्याय न देने पर 13 अप्रैल को आ रहे मुख्यमंत्री की जनसभा में आत्मदाह करने के लिए वह मजबूर है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक का कहना था कि मामले की जांच चल रही है।

LEAVE A REPLY