बाबा साहब के बेरा मंदिर से एक नहीं तीन मूर्तियां हुई चोरी

0
42

-सल्तनत काल के दो पुराण भी हुये चोरी
-चोरी गया चमत्कारी शंख मंदिर के समीप खंडित मिला
उरई (जालौन)। यमुना नदी की तलहटी में बसे ग्राम बेरा के समीप ही बाबा साहब के मंदिर से पखबारे भर पूर्व एक नहीं बल्कि तीन अष्टधातु की मूर्तियांे के अलावा मंदिर में रखे सल्तनत काल के दो प्राचीन ग्रंथों के साथ चमत्कारी शंख चोरी होने के मामले को रामपुरा थाना पुलिस गंभीरता से लेती नजर नहीं आ रही हैं। यही कारण है कि घटना स्थल पर न तो जगम्मनपुर चैकी से कोई पहुंचा और न ही रामपुरा थानाध्यक्ष ने मंदिर से चोरी हुयी प्राचीन धरोहर के बारे में जानकारी करना जरूरी नहीं समझा। हालांकि उक्त मामला एडीजी कानपुर जोन अविनाश के संज्ञान में आने के बाद भी थाना पुलिस हद दर्जे की लापरवाही बरतने से बाज नहीं आ रही है। तो उधर आज कुछ ग्रामीणों ने थाना पुलिस ने बेरा मंदिर से चोरी के मामले की लिखित तहरीर भी दे दी है। इस बीच मंदिर से चोरी गया चमत्कारी शंख खंडित अवस्था में मंदिर के समीप से मिलना बताया जा रहा है।
उल्लेखनीय हो कि रामपुरा थाना अंतर्गत यमुना तट पर बसे ग्राम बेरा में 650 वर्ष पुराना बाबा साहब मंदिर से अष्टधातु की बाबा साहब सहित दो अन्य मूर्तियां, प्राचीन दो ग्रंथों के साथ चमत्कारी शंख रहस्यमयी तरीके से 15 दिन पूर्व चोरी हो गयी थी। बेरा मंदिर से चोरी के मामले में क्षेत्रीय वृद्धजनों ने बताया कि प्राचीन बाबा साहब के मंदिर में सल्तनत काल के दो ग्रंथ शिव पुराण व पदम पुराण रखे हुये थे जो न तो हिन्दी या संस्कृति में लिपिबद्ध नहीं थे जिसे कोई भी व्यक्ति ग्रंथांे में क्या लिखा था पढ़ नहीं पाता था चोर उन्हें भी चुरा ले जाने में सफल हो गये। ग्रामीणों की मानें तो बेरा मंदिर से करोड़ों रुपये कीमत की प्राचीन धरोहर की चोरी होना एक गंभीर मामला है। रविवार को मीडिया टीम जब बेरा मंदिर पर पहुंची और बाबा साहब की मूर्ति चोरी का स्थलीय निरीक्षण किया तो मंदिर में वर्तमान पुजारी कैलाश नारायण दीक्षित ने बताया की वह मूर्ति चोरी की घटना के बाद यहां आए हैं। इससे पहले औरैया निवासी आनंद मोहन पुजारी पूजा कर रहे थे। उन्हीं के समय यह चोरी की घटना घटित हुई है। उन्होंने बताया की मंदिर से चोरी गया चमत्कारी शंख का कुछ हिस्सा काटकर अज्ञात व्यक्ति मंदिर के समीप भी फेंक गया था जिसे मंदिर में फिर से भक्तों के दर्शनार्थ रख दिया गया है। फिलहाल तो बेरा मंदिर से करोड़ों रुपये कीमत की अष्टधातु की बाबा साहब मूर्ति जो रात के अंधेरे में चमकती थी सहित तीन मूर्तियों के साथ ही सल्तनत काल के पदम पुराण व शिवपुराण ऐसी भाषा में लिपिबद्ध थे जिन्हें कोई भी व्यक्ति उनमें क्या लिखा गया है पढ़ नहीं पाया जिससे उनकी ऐतिहासिकता का स्वतः ही अंदाजा लगाया जा सकता है। फिलहाल तो देर से ही सही कुछ ग्रामीणों ने बेरा मंदिर से चोरी हुई करोड़ों रुपये कीमत की मूर्तियों व प्राचीन ग्रंथों की लिखित तहरीर रामपुरा थाना पुलिस को देते हुये आवश्यक कार्यवाही की मांग की है।

LEAVE A REPLY