साइबर अपराध रोकने के लिए डीजीपी ने क्राइम मीटिंग में पुलिस अधिकारियों को दिए टिप्स

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बढ रहे साइबर अपराध की रोकथाम कैसे की जाए इसके लिए डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने पुलिस अधिकारियों को टिप्स देने के लिए साइबर क्राइम मीटिंग बुलाई।
डीजीपी ने जानकारी देते हुए बताया कि साइबर क्राइम को कम्प्यूटर क्राइम के नाम से भी जाना जाता है। कम्प्यूटर्स और इंटरनेट के द्वारा की गई किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधियां साइबर क्राइम की श्रेणी में आती है। कॉल स्पूफिंग यानि इंटरनेट के जरिए दूसरों के मोबाइल और लैंडलाइन नंबर की फेक कॉल के माध्यम से किसी को परेशान करना भी साइबर अपराध के दायरे में आता है। आपके सरकारी या महत्वपूर्ण कारोबारी दस्तावेजों या आपकी निजी महत्वपूर्ण जानकारी को इंटरनेट और कम्प्यूटर के माध्यम से चुराया जाना साइबर अपराध है।
ई-मेल के द्वारा गोपनीय और महत्वपूर्ण जानकारी को किसी भी स्पैम ई-मेल में उत्तर न दें, अंजान ई-मेल में आये अटैचमेंट्स को कभी खोल कर न देखें या उस पर मौजूद लिंक पर क्लिक न करें। इसमें वायरस या ऐसा प्रोग्राम हो सकता है, जिसको क्लिक करते ही आपका कम्प्यूटर उनके कंट्रोल में जा सकता है। जिससे कंप्यूटर में वायरस के प्रभाव से कोई जरूरी फाइल डिलीट या फिर ऑपरेटिंग सिस्टम के करप्ट हो जाने की संभावना बढ़ जाती है।
डीजीपी मुख्यालय पर हुई साइबर क्राइम मीटिंग में एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार और साइबर अधिकारियों सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे।

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