बसपा से निष्काषित होने के बाद भी विजय चौधरी नहीं छोड़ पा रहे पार्टी का मोह

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-निजी कार्यालय में लगी पार्टी सुप्रीमो की फोटो
उरई (जालौन)। इंसान के जीवन में उतार-चढ़ाव आना तो आम बात है लेकिन पार्टी के लिए मेहनत के बाद भी पार्टी सुप्रीमो से मिले निष्काशन रूपी इनाम के बाद भी पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विजय चौधरी का बसपा से मोहभंग नहीं हुआ है । उनकी मिली एक तस्वीर के मुताबिक़ उन्होंने अभी भी अपने आवास स्थित निजी कार्यालय में पार्टी सुप्रीमों को फोटो लगा रखी है । जिससे स्पष्ट हो जाता है कि उन्हें भी अपनी वापिसी का इन्तजार है और जबसे बसपा की जिला कार्यकारिणी को भंग कर अकस्मात एक नई कार्यकारिणी की घोषणा हुई है तभी से पूर्व पालिका अध्यक्ष के बसपा में वापिसी के भी कयास लगाए जाने लगे है ।
आपको बता दे कि नगर निकाय चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के चलते पार्टी के ही एक हैवीवेट गुट के वे शिकार हुए थे और उन्हें पार्टी से निष्काषित भी करा दिया गया था । जिसके बाद जनपद में जगह जगह पूर्व पालिका अध्यक्ष के समर्थकों ने पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी , कोर्डिनेटर नौशाद अली सहित तत्कालीन जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र शिरोमणि के खिलाफ जमकर नारेबाजी ही नहीं की बल्कि तीनों लोगों के पुतले भी जलाये गए और सोशल मीडिया पर भी युवा वर्ग के द्वारा पार्टी सुप्रीमों के इस निर्णय का जमकर विरोध किया गया ।
बसपा से जुड़े सूत्रों की माने तो इस विरोध का इतना असर हुआ कि पार्टी सुप्रीमों सुश्री मायावती ने गोपनीय स्तर पर इसकी जांच भी कराई और झाँसी में एक कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया और अकस्मात ही एक नई कार्यकारिणी की घोषणा भी हो गई । जाहिर सी बात है कि बसपा के कैडर कार्यकर्ताओं के द्वारा किया गया विरोध का असर हुआ और शैलेन्द्र शिरोमणि को जिलाध्यक्ष की कुर्सी गंवानी भी पड़ी और कोर्डिनेटर नौशाद अली को अन्य जगह शिफ्ट कर दिया गया था ।
इतनी बड़ी कार्यवाई के बाद पूर्व पालिका अध्यक्ष विजय चौधरी के बसपा में वापिसी की संभावनाएं भी प्रबल होने लगी है । सूत्रों की माने तो प्रदेश में चल रहे उपचुनाव के बाद कभी भी विजय चौधरी की बसपा में वापिसी हो सकती है और शायद यही वजह है कि बसपा से उनका अभी तक मोहभंग नहीं हुआ है ।

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