अतिवृष्टि, ओलावृष्टि से प्रभावित कोई किसान छूटा तो उप जिलाधिकारी होगें जिम्मेदार : मण्डलायुक्त

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झांसी। मण्डल के सभी उपजिलाधिकारी अपने क्षेत्र के गांववार तथा गाटावार अतिवृष्टि ओलावृष्टि से हुई फसल नुकसान की जानकारी 48 घण्टे में उपलब्ध कराये अन्यथा सख्त कार्यवाही की जाएगी। यदि सूचना देने के उपरान्त कोई किसान छूट जाता है तो इसकी सीधे जिम्मेदारी सम्बन्धित उप जिलाधिकारी की होगी।
मण्डलायुक्त श्रीमती कुमुदलता श्रीवास्तव ने यह निर्देश देते हुए कहा कि मण्डल में विगत 11 व 12 फरवरी 2018 को हुई अतिवृष्टि/ओलावृष्टि से फसल नुकसान की वजह से किसान अत्यन्त दुखी है। इसलिये समस्त सूचनाएं संवेदनशील होते हुए तत्काल उपलब्ध कराये। उन्होने कहा कि इस कार्य के लिए लेखपाल, कृषि विभाग आदि का सहयोग लेते हुए शीध्रातिशीध्र क्षति का आंकलन उपलब्ध कराये। जिससे सूचना शासन को प्रेषित किया जा सके।
मण्डलायुक्त ने मण्डल के समस्त जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिये कि जनपद के विभिन्न हिस्सों में अतिवृष्टि/ओलावृष्टि से होने वाली फसलों एवं जानमाल के नुकसान की जिलेवार सूचना अपने संज्ञान में लेते हुए प्रेषित करे, ताकि सूचना शुद्व और त्रुटिहीन हो।
उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि यदि मण्डल में अतिवृष्टि/ओलावृष्टि के कारण किसी जनपद में किसी जानमाल की क्षति हुई है तो सम्बन्धित जिलाधिकारी तत्काल टी.आर.-27 से उसकी आर्थिक मदद करे। उन्होने जोर देते हुए कहा है कि अतिवृष्टि/ओलावृष्टि आपदा से प्रभावित व्यक्तियों परिवारों व फसल की हानि, जनहानि, पशुहानि के सम्बन्ध में प्रतिदिन 4 बजे तक शासन/राहत आयुक्त, उ0प्र0 लखनऊ को सूचना उपलब्ध करायी जानी हैं। उन्होने यह भी निर्देशित किया है कि मुख्यमंत्री द्वारा 14 फरवरी को अतिवृष्टि/ओलावृष्टि से नुकसान के आंकलन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गये है कि अतिवृष्टि/ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को हुए नुकसान का सम्पूर्ण आंकलन शीघ्र से शीघ्र शासन को उपलब्ध कराये। देरी करने पर कठोर से कठोर कार्यवाही अमल में लायी जाएगी।

श्रीमती श्रीवास्तव ने सभी जिलाधिकारियों को प्रत्येक तहसील का गाटावार सर्वे कराकर गाटावार कृषकों को हुए वास्तविक एवं प्रमाणित क्षति की सूचना उप जिलाधिकारी के माध्यम से प्राप्त करने तथा आपदा से प्रभावित व्यक्तियों की समस्याओं का धैर्यपूर्वक सुनने के निर्देश दिए है। उन्होने साफ तौर पर कहा है कि प्रत्येक दशा में राहत राशि का वितरण अधिकारियों की उपस्थिति में किया जाए। शासन द्वारा अहैतुक सहायता हेतु निर्धारित नियमों के अनुसार 24 घण्टे के अन्दर प्रभावित/पीड़ित को राहत राशि उपलब्ध करायी जाए तथा पशुहानि के सम्बन्ध में भी शासन के निर्देशानुसार निर्धारित धनराशि कृषकों को दी जाए।

उन्होने सभी जिलाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के सभी उपजिलाधिकारियों से इस आशय का प्रमाण-पत्र भी प्राप्त करेगे, कि उनके द्वारा उपलब्ध करायी गयी क्षति के आंकलन की सूचना के अतिरिक्त अन्य किसी भी ग्राम में ओलावृष्टि/अतिवृष्टि से किसानों को कोई नुकसान नही हुआ है। उन्होने सभी जिलाधिकारियों को शासन के निर्देशों का अक्षरशः पालन करने तथा अतिवृष्टि/ओलावृष्टि से प्रभावित व्यक्तियों की वास्तविक क्षति की स्थिति का सर्वे कराकर सूचना प्रत्येक दशा में सायं 4 बजे तक उपलब्ध कराने तथा शासन को सीधे भी प्रेषित करने के कड़े निर्देश दिए है।

 

 

 

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