मनुष्य का जीवन जीवों की रक्षा हेतु समर्पित होना चाहिये : शास्त्री

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ललितपुर जनपद के अन्तर्गत विभिन्न बॉधों, तालाबों एवं जलाशयों जैसे-गोविन्दसागर बॉध, राजघाट बॉध, शहजाद बॉध एवं माताटीला बॉध आदि जलाशयों में शरद ऋतु आने पर प्रवासी पक्षियों का आना प्रारम्भ हो जाता है। यह जलवायु एवं मौसम के अनुरूप अपना प्रवासीय स्थान चिन्हित करते है। जनपद- ललितपुर में कुल 08 स्थानों पर वर्ड वाचिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गोविन्द सागर बॉध (ललितपुर रेंज) राजघाट बॉध (जखौरा रेंज) माताटीला बॉध (माताटीला रेंज) मानसरोवर तालाब (तालबेहट रेंज) रोहिणी बॉध (मड़ावरा रेंज) शहजॉद बॉध (बार) सजनम बॉध (महरौनी रेंज) जामुनी बॉध (गौना रेंज) में प्रातः 07.00 बजे से 10.00 बजे तक वर्ड बाचिंग कार्यक्रम किया गया जिसमें सैकड़ों व्यक्तियों द्वारा विभिन्न स्थानों पर हजारों की संख्या में मुख्यतया कुर्च, ढोंमरा, गजपांव, सिलेटी सवन, ठेकरी, छोटा लालसर, अबलख बत्तख, सुरखा, कूट, सिलही, घोघिल आदि प्रजातियों के पक्षियों को देखा गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ओमप्रकाश शास्त्री, उप प्राचार्य नेहरू महाविद्यालय द्वारा पक्षियों एवं पेड़-पौधों की महत्वतता एवं उनके संरक्षण पर प्रकाश डालते हुये कहा मनुष्य का जीवन जीवों की रक्षा हेतु समर्पित होना चाहिये लेकिन वर्तमान परिवेश में मनुष्य जीवों का भक्षण करने लगा है। जिस कारण जैवविविधता में कमी आ रही है। श्री गोविन्द शरण, डी0एफ0ओ0 ललितपुर द्वारा अवगत कराया गया कि पेड़ पौधे एवं पशु पक्षी हमारे पारिस्थितकीय तंत्र को संतुलित कर हमारे आस-पास के वातावरण को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाते है। जनपद में विभिन्न प्रकार की प्रजातियों के पक्षियों को 8 स्थानों पर देखा गया है जिसकी संख्या लगभग 3000 से अधिक है तथा इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों, गणमान्य व्यक्तियों द्वारा पक्षियों को देखा गया तथा इनके संरक्षण करने का अनुरोध किया गया।
निकेत मिश्रा, पक्षी विशेषज्ञ बुन्देलखण्ड रीजन झांसी द्वारा पक्षियों की विभिन्न बारिकी जानकारियॉ एवं उनकी पहचान के बारे में बताया गया। प्रवासी पक्षियों के बारे में जानकारी देते हुये अवगत कराया गया कि गोविन्द सागर बॉध एवं जनपद के अन्य क्षेत्रों में पक्षी पकिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, तिब्बत, मंगोलिया आदि स्थानों से आते है इनके संरक्षण सम्बर्द्धन का दायित्व हम सबका है। मौके पर उपस्थित श्री सुरेन्द्र नारायण शर्मा वरिष्ठ पत्रकार ने वर्ड वाचिंग डे की सराहना करते हुये कहा कि वन विभाग द्वारा विगत कई वर्षो से ललितपुर जनपद में पर्यावरण को सुरक्षित एवं संरक्षित करने के लिये विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम निरन्तर किये जा रहे है। श्री लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, डॉ दीपक चौबे, मुक्ति संस्था के अध्यक्ष श्री अज्जू बाबा, श्री कन्हैयालाल नामदेव, एवं उनके सदस्यगण, मानव आर्गनाईजेशन के अध्यक्ष एवं संयोजक गौरैया बचाओं अभियान श्री पुष्पेन्द्र सिंह एड0 ने कहा कि शायद ही दुनिया का कोई आवाद कोना हो, जहां किसी न किसी तरह के पंक्षी न होते हो यहां तक की बर्फीला साईबेरिया भी पक्षियों का साक्षी है। यह पक्षी समय, काल, और परिस्थिती के अनुसार खुद को ढाल लेते है। अपना जीवन बचाने के लिये यह अपने मूल स्थान से हजारो कि0मी0 दूर जाने से भी परहेज नहीं करते है। ऐसी लम्बी यात्रायें यह करते कैसे है यह आज भी जनमानस के लिये रहस्य है। इसलिये आज समाज और वन विभाग को मिलकर एक साथ इन्हें बचाने के लिये वृहद स्तर पर प्रयास करना चाहिये। पर्यटन मि़त्र फिरोज इकबाल ने पक्षियों पर प्रकाश डालते हुये जैवविविधता को संतुलित करने में पक्षी महत्वपूर्ण योगदान करते है। अगर इनका संरक्षण नहीं करेंगे तो पर्यावरणीय चक्र प्रभावित होगा। जो दीर्घ कालीन अवधि में नुकसानदायक होगें। मौके पर श्री स्वतंत्रत व्यास एडवोकेट, वन दरोगा श्री कमलापति त्रिपाठी, श्री आशीष आनंद, वन रक्षक उमराव प्रसाद, देवेन्द्र सिंह यादव, सफीक खां आदि उपस्थित रहे।

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