राज्य के विश्वविद्यालयों में अब हो रही नकलविहीन परीक्षायें: राज्यपाल

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ऐतिहासिक गणेश मंदिर में भक्त निवास का लोकार्पण एवं विश्वविद्यालय में किया पुस्तक का विमोचन
झांसी। उ.प्र. के विश्विद्यालय पहले अध्यापन शून्य और मात्र उपाधियां वितरण करने तक सीमित थे। लेकिन अब राज्य के सभी 28 विश्विद्यालयों में पढ़ाई का माहौल बना है और वह नकलविहीन परीक्षायें सम्पादित करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 16 लाख विद्यार्थियों को डिग्री बांटने की जगह इस वर्ष 13 लाख विद्यार्थियों को ही डिग्री प्राप्त हो सकी है। जो नकल विहीन परीक्षायें होने का असर है।
यह उद्गार राज्यपाल एवं कुलाधिपति राम नाईक ने बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय में आयोजित मेरी झांसी एक परिचयात्मक वृत्त पुस्तक का विमोचन समारोह को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के दीक्षान्त समारोह की तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं। जिससे समय पर दीक्षान्त समारोह हो सके।
महामहिम राज्यपाल ने कहा कि झांसी की पहचान समस्त भारत एवं विश्व में वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की वजह से ही है। जिन्होंने अंगे्रजो से लोहा लेते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिये थे।
इसके पूर्व राज्यपाल श्री नाईक ने महानगर के ऐतिहासिक गणेश मंदिर में भक्त निवास का लोकार्पण कर पूजा अर्चना की। उन्होंने कहा कि मराठा शासकों द्वारा निर्मित यह मंदिर स्वतंत्रता संग्राम की महान योद्धा महारानी लक्ष्मीबाई के विवाह का प्रमुख साक्षी है। वह इस मंदिर में पूजा अर्चना करने आती थीं।

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