गाजे-बाजे के साथ निकाले गए जवारे

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झाँसी | तालबेहट सहित क्षेत्र के कई ग्रामों से निकाले गये जवारे।भारतीय परंपराओं में नवदुर्गा पूजन पर भी भारत के कोने कोने में मनाने की प्रथा प्रचलित है जो वर्ष में दो बार मनाया जाता है नवदुर्गा प्रारंभ होते ही परमा के दिन शहरी व ग्रामीण क्षेत्रो में मनाया जाता है भारतीय प्रथा के अनुसार तालबेहट सहित तहसील क्षेत्र से लगे कई ग्रामों में बुंदेली भजनों के साथ जवारे निकाले गए,जो मैहरावन माता मंन्दिर्र पर एकत्रित होकर चिन्हित जगहों पर विराजमान किए हुऐ जिसमें श्रद्धालुओं ने देवी गीत  गाकर भक्तते गायी जितने लोगों का उत्साह बढ़ाने के लिए मनोरंजन हैरत प्रदर्शन किया गया इसी प्रकार जवारों कार्यक्रम करते हुए जवारे विसर्जन किए।

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